आसिफ़ निजाम
लखनऊ, 17 जुलाई, 2026। टी. एस. मिश्रा विश्वविद्यालय, लखनऊ के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट द्वारा 16 एवं 17 जुलाई, 2026 को “Future Ready Organisations: Integrating Technology, Sustainability & Human Capital” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों ने सहभागिता कर भविष्य के संगठनों में प्रौद्योगिकी, सतत विकास एवं मानव संसाधन की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का उद्घाटन विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति श्री एस. सी. मिश्रा, प्रो-कुलाधिपति श्री कपिल मिश्रा, कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रशांत त्रिवेदी तथा कार्यकारी निदेशक श्रीमती प्रणिति मिश्रा के गरिमामयी मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
सम्मेलन के संयोजक डॉ. सुशील पाण्डेय ने स्वागत भाषण में कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को सतत विकास की अवधारणा के साथ संतुलित करते हुए मानव कल्याण को संगठनात्मक संरचना के केंद्र में रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) अजय तनेजा, कुलपति, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ ने अपने मुख्य उद्बोधन में कहा कि जो संस्थान समय के साथ तकनीकी परिवर्तनों को नहीं अपनाते, वे प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं संगठनों का होगा जो प्रौद्योगिकी को केवल कार्यकुशलता का माध्यम नहीं, बल्कि हरित एवं सतत विकास का सशक्त साधन मानते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से ऐसे पाठ्यक्रम विकसित करने का आह्वान किया, जिनमें डेटा-आधारित निर्णय क्षमता के साथ नैतिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों का समावेश हो।
सम्मेलन में प्रो. फैसल अलनोरी (किंग अब्दुलअज़ीज़ विश्वविद्यालय, सऊदी अरब), डॉ. रीमा अस्साफ (अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ दुबई, यूएई) तथा प्रो. डॉ. गुल एरकोल बायराम (सिनोप विश्वविद्यालय, तुर्किये) ने ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने भविष्य के संगठनों के निर्माण में नवाचार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
उद्घाटन सत्र के दौरान सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। यह स्मारिका सम्मेलन में प्रस्तुत शोधपत्रों एवं वैश्विक विचारों का महत्वपूर्ण संकलन है। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सह-संयोजक प्रो. मोइद यू. अहमद, निदेशक, स्कोलियो एजुकेशन एंड इवॉल्विंग नॉलेज (SEEK), लखनऊ द्वारा प्रस्तुत किया गया।
दो दिनों तक चले सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्रों के दौरान 60 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें डिजिटल परिवर्तन, हरित आपूर्ति श्रृंखला, दूरस्थ कार्य संस्कृति, मानव संसाधन प्रबंधन तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) जैसे समकालीन विषयों पर गहन चर्चा हुई।
सम्मेलन के दूसरे दिन “Basics of Research Methods Using SPSS” विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका संचालन प्रो. (डॉ.) मसूद सिद्दीकी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, सांख्यिकी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय ने किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को एसपीएसएस के माध्यम से शोध विश्लेषण की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
17 जुलाई को आयोजित समापन समारोह में डॉ. नीरज शुक्ला, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ, डॉ. अथर महमूद, प्रोफेसर एवं डीन (एमडीपी), एमिटी विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा प्रो. (डॉ.) मसूद सिद्दीकी ने सम्मेलन के निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि भविष्य के संगठनों की सफलता का सबसे मजबूत आधार मानव पूंजी होगी।
समापन समारोह में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को “बेस्ट पेपर अवार्ड” प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मेलन का समापन राष्ट्र निर्माण, नवाचार, सतत विकास एवं वैश्विक सहयोग के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायाध्यक्ष, शिक्षकगण, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं देश-विदेश से जुड़े शिक्षाविद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






